बातें जितनी निजी ज़िन्दगी उतनी भली :लोगो को भूलकर भी न बताए निजी ज़िन्दगी से जुड़ी बातें ,जानिए इससे होने वाले नुकसान
आज की कहानी हमें बहुत कुछ सीखा सकती है आओ देखते है
कई बार हम अपने आसपा
स मौजूद लोगो पर इतना विश्वास कर लेते है की अपनी हर बात उनसे साझा कर बैठते है। परिवार में क्या हुआ ,किससे बहस हुई,घर पर किसका व्यवहार कैसा है ,अपनी गलतियाँ और दफ्तर का तनाव जैसी तमाम बातें कह डालते है। एक बार यह भी नहीं सोचते की जिन लोगो को हम अपनी बात बता रहे है क्या वे हमें समझते या क्या उन पर इतना विश्वास किया जा सकता है। हम अपनी निजी जिंदगी उतना ही आसान हो जाएगा। किसी को निजी बातें न बताना ही क्यों बेहतर है ,
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दुसरो का दखल कम होगा
हम अपनी जिंदगी से जुडी समस्याओं और उलझनों को जितना बाहरी लोगो से साझा करेंगे ,वे जीवन में उतना ही दखल देंगे। वे आपके लिए अपने मन में राय बना लेंगे और आपकी हर समस्या में शामिल होने की कोशिश करेंगे बार- बार निजी ज़िन्दगी से जुड़े सवाल पूछगे। यदि उनका आपके घर में आना -जाना है तो पारिवारिक मामलों में भी दखल अदाजी की कोशिश कर सकते है। ऐसे में कई बार मामले सभलने के बजाय बिगड़ भी जाते है।
उलझन सुलझना आसान होगा
आपकी जिदगी से जुड़ी हुई उलझनों को कैसे दूर करना है ,यह आप से बेहतर कोई नहीं जनता। परतुं जब आपके दोस्त या परिचित इस उलझन को सुलझाने के लिए आपकी ज़िन्दगी में शामिल होंगे तो सब राय भी अलग -अलग देंगे। इससे सही राह चुनना मुशिकल होगा
सोच की परवाह नहीं होगी
अजब किसी को आपके निजी जीवन के बारे में पता होता है तो मन में एक हलचल -सी बनी रहती है की वह व्यक्ति आपके बारे में क्या सोच रहा होगा। आपकी स्थिति पर वो कही हस तो नहीं रहा होगा। या कही उसने किसी को कुछ बताया तो नहीं होगा। आपका ध्यान अपनी समस्याओं का हल ढूढने के बजाय लोगो की सोच पर केदिर्त हो जाता है। आप जितना कम लोगो से अपनी ज़िन्दगी साझा करेंगे ,उनकी राय की चिंता उतनी ही काम होगी।
अनावश्यक हमलो से बचेंगे
आपके आसपास मौजूद लोगो की सोच आपके प्रति कैसी है यह आप नहीं जानते। कुछ लोग ऐसे भी होते है जो सामने शुभचिंतक होंगे ,लेकिन पीठ पीछे वे आपकी उपलब्धयों से ईष्या भी करेंगे। जब आप अपनी निजी बातें ऐसे लोगो से साझा करते है तो वे उसे आपकी कमजोरी मानकर आपके खिलाफ ही इस्तेमाल कर सकते है आपके आसपास मौजूद लोगो की सोच आपके प्रति कैसी है यह आप नहीं जानते कुछ लोग ऐसे भी होते है जो सामने शुभचिंतक होंगे लेकिन पीठ पीछे वे आपकी बातें ऐसे लोगो से साझा करते है तो वे उसे आपकी कमजोरी मानकर आपके खिलाफ ही इस्तेमाल कर सकते है लिहाजा ऐसी कोई बात किसी को न बताए जिससे आपको नुकसान पहुंचाया जा सके।

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