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Sad love story in hindi | मेरी अधूरी कहानी | pyar ki kahani


जब भी  हम प्रेम (love )शब्द को सुनते है तो हमारे अंदर एक अजीब सी हलचल होती है। यह हलचल हमारे दिल से लेकर शरीर तक होती है। यहां पर हमने प्रेम की कहानी लिखी है। यह कहानी पढ़ने पर शायद आपको भी प्रेम की हलचल देखने को मिलेगी। काफी लोग अच्छा प्रेम की कहानी को पसंद करते है तो यहाँ एक सच्ची कहानी ही है  जो आज आपके लिए लिखी है देखते है आपको कैसे लगती है 


नमस्ते दोस्तों ,
                     हर कहानी में हम कुछ ना कुछ सिखने को ही मिलता है। और यह सही भी है हर कहानी में कुछ ना कुछ होता है। आए जानते है कहानी में क्या होता है। 

प्यार दुनिया का सब से प्यारा शब्द प्रेम जो सदीओ से चलता आ रहा है। प्रेम की एक आगे ही दुनिया होती है जो बहुत ही प्यारी लगती है। इस दुनिया में ना जाने कहा खो जाता है इंसान सब कुछ आगे ही देखता है सब नया  सा हो जाता है जीवन में एक खूबसूरत अहसास सा हो जाता है इस कहानी में भी कुछ ऐसा ही होने वाला है आओ कहानी में क्या होता है हा दोस्तों कहानी बड़ी है पर बहुत अच्छी है शायद आपको पसंद आए।
 
यह कहानी है  वीराज और निकी की देखते उनको  कैसे हुआ प्यार 

वीराज  ने बी.ए.कर ली थी वीराज  को कंप्यूटर सीखना बहुत पसंद था। वीराज को   रुचि कंप्यूटर में थी।  वीराज  हर शाम को कंप्यूटर क्लास जाता था।  जब वो टेली सिखने जाता था। वह पर एक लड़की भी आती थी जिस का नाम कविया था और कविया  की दोस्त भी साथ आती थी उसका नाम दिव्या था।  दोनों कंप्यूटर सिखने जाते थे  उनका और वीराज  का टाइम एक ही होता है। वो रोज आते थे और वीराज अपने  सब काम छोड़ देता पर कंप्यूटर क्लास कभी  मिस नहीं होने दी देता  वीराज  वैसे तो ज्यादा किसी से बात नहीं करता था पर कंप्यूटर क्लास में बहुत बोलता था क्योकि कंप्यूटर सिखने वाले सर दोस्त जिस से  रहते थे और उनके पास जाने से ही बोलना 

सीखा था वो कहते थे हर इंसान को बिदास रहना चाहिए कुछ बोलोगे  जब पता चलेगा किसी के बारे में तो  बस फिर वो रोज आते रहा  और वीराज  सर से बात करता रहता था  दिव्या  और कविया  दोनों वीराज  पर गुस्सा करते थे। दोनों बात करते की  कितना बोलता है यार यह आते ही बोलने लगता है। आते ही सर खाने लगता वो दोनों गुस्सा किया करते थे। पर वीराज  को नहीं बोलते थे वो बात नहीं करते थे पर एक टाइम भी आता था जब सर को कोई काम हो जाता है तो वो चले जाते है अपने काम से और वीराज  को कहे के जाते की  जो ना आए  वो बता देना। वीराज कहता है ठीक है सर क्योकि वीराज  को कंप्यूटर में सब आता था बस सीखना तो रूचि होती है  कुछ नया  वो तो बस आगे से आगे कुछ नया  सिखने चाहता था वीराज हर किसी से इतनी आसनी से बात नहीं करता था सर ने भी कहे दिया कोई प्रॉब्लम हो तो वीराज से पूछ लेना वीराज सर के जाने के बाद चुप -चाप अपना काम करने लगा

 कंप्यूटर पर वीराज तो बस सर होते जब ही बोलता था  सर से बात करता था कविया  और दिव्या  से नहीं करता था वीराज भी सोचता है आज तो गए काम से सर ने क्या कहे दिया यार  वीराज बात उस करता जिस वो जाता है और लड़कियों से तो बहुत काम बात करता था वो भी दोनों बात कर रह थे धीरे -धीरे दोनों और वीराज अपना काम कर रहा था। चुप -चाप वो तो चले जाते है बिना कुछ कहे क्यूकि टाइम हो गया था और वीराज वही रहता है क्यूकि सर ने कहा था की जब तक वो नहीं आए जाना मत तो बस फिर सर का इंतजार हो रहा था। कुछ ऐसे दिन चलता रहा पर एक दिन वीराज को  कुछ काम हो गया था।  तो वो उस दिन क्लास नहीं आता और वीराज के बिना क्लास भी सुनी सी लगे रही थी कविया  और दिव्या  दोनों एक दूसरे से बात करती है और वीराज नहीं आया जिस के बिना कितना खाली  सा लगे रहा है  क्लास में कोई है नहीं ऐसा लगता था कविया  ने सर से पूछ लिया आज वीराज नहीं आया तो सर ने कहा शायद कोई काम होगा और वो काम कर रह थे पर उनका मन नहीं लगता जब की वीराज के बोलने से वो गुस्सा करते थे पर अब देखो उन खाली सा  लगे रहा है  ऐसा हो होता दिमाक कुछ और दिल कुछ और ही बोलता है वो भी बातें करने लगती है फिर अपने घर  चले जाते है

एक दिन कविया  का कंप्यूटर ऑफ होता है कविया  को ऑन करना नहीं आता वो दिव्या  को बोलती है मुझे भी नहीं आता अब दोनों   चुप-चाप रहती है डर था की कही सर कुछ कहे ना दे तो पास में ही वीराज अपना काम कर रहा था कंप्यूटर पर तो कविया ने दिव्या  से कहा वीराज को कहो तो दिव्या  ने वीराज से कहा कंप्यूटर कैसे ऑन होता है जब वीराज ने जा कर उनका कंप्यूटर ऑन किया फिर धीरे -धीरे वो कोई भी प्रॉब्लम होती वीराज से पूछ लिया करते थे ऐसे रोज होने लगा जब कुछ नहीं आता तो वो वीराज से पूछ लेते पर यह बात सर को अच्छी नहीं लगती वो गुस्सा होते थे आप मुझसे कुछ पूछते नहीं हो फिर सर ने  कहा आधे घंटा 

टाइपिंग करनी है और आधे घंटा कुछ सिखने का कहे दिया पर अब वीराज  से कविया  बात करती थी शायद वीराज अच्छा लगने लगा वो काफी बात किया करते थे और कोई भी प्रॉब्लम होती वो वीराज बता देता था। सर भी कुछ नहीं कहते थे रिकी शायद वीराज के बार में जाना चाहती थी की वो कैसा इंसान है और वीराज एक  मस्त मोजी इंसान होता है वो हर किसी को अपना समझ के बात किया करता था। वो कभी किसी का दिल दुखने वाला काम नहीं करता था सब का दिल जीत ही लेता था उसका किसी से बात करने का तारिक बहुत अच्छा था सब की हेल्प भी करता था दिल का भी साफ इंसान था तो कविया  को अच्छा लगता था उस बात करना वो वीराज  की एक -एक बात को नोट्स करती 

थी  पर वीराज  के लाइफ में एक लड़की होती है।  जो वीराज  से अच्छे से बात नहीं करती और वीराज  उस कुछ नहीं बोलता बस दुखी हो जाता था और चुप चाप अपना काम करने लगाता  कविया सब नोट्स करती है। वीराज का कॉल आते ही चुप और सैड कैसे हो गया। ऐसे काफी बार हुआ तो कविया ने एक दिन वीराज ने पूछ लिया और की कौन है  जैसे बात करते हो उसका कॉल आते आप सैड  हो जाते हो तो वीराज कुछ नहीं बोलता और सोचता है यार यह बात कहु की नहीं और वो फिर सोच ने के बाद वीराज कविया को बता देता है  यार एक दोस्त है जो मुझसे प्यार करती है पर मैं नहीं करता तो बस गुस्सा करती रहती है अब मैं क्या करू समझे नहीं आता मुझे दूर करू भी तो कैसे  इस बस वो दुःख हो जाता था कविया  ने एक दिन वीराज  से कविया ने  फ़ोन नंबर लिए कहा और कहा कोई काम होगा तो बात करुँगी कविया वीराज पर यकीन करने लगी क्यूकि वीराज दिल का बहुत अच्छा इनसे है वो सब की ख़ुशी का सोचते है और खुद दुखी रह यह कविया को ठीक नहीं लगता तो अब आगे 

आपसे वीराज  ने दे दिया क्युकी कविया बहुत अच्छी थी वो वीराज की फिल्गिंग समझे गयी और वो वीराज कविया को अपनी बहन समझता है और सारी बात शेयर कर देता था और वीराज  की बात से वो भी दुखी हो जाती है तो कविया  ने सोचा ऐसे इंसान के लिए अच्छा कोई मिले जैसे वो खुश रह सके तो कविया की बहन होती है जिस से वीराज की बात करती है  अपनी बहन के लिया कहती है की वीराज  तुम मेरी बहन से दोस्ती कर लो वो भी आपके जैसी है उस भी आप जैसा इंसान की जरूरत है तो वीराज  कहता है यार चलो सोच के बताउगा क्युकी कविया को वो अपने समझने लगा और कविया को माना भी नहीं कर सकता क्युकि बहन जो थी और वीराज को समझने वाली कविया थी वीराज कहता है सोच के बताऊ आपको और घर चले जाते है दोनों 

अब देखते है वीराज निकी  की कहानी 

उस रात अचानक वीराज के फ़ोन पर किसी का कॉल आता है जो नए नंबर से होते है वो सोचता है यह किस के नंबर है और  उठा लेता है फिर बात करता है पर निकी बहुत अजीब तारिक  से बात करती है तो वीराज को कुछ अजीब लगता है और सोचता यह कोन है  पर  वो निकी होती है पर वीराज को नहीं पता होता है 

 उसके पास निकी  का कॉल आता है और निकी  बड़े अजीब तारिक से बात करती है वीराज से और वीराज पूछता है की आप कौन है और आपको किसी बात करनी है जब निकी कहती है मुझे आपसे बात करनी है आप वीराज है ना तो वीराज  कहता है हा मैं ही वीराज हूँ आप कौन तो निकी कहती है मैं निकी हूँ कविया की बहन तो वीराज कहता है अच्छा आप है निकी कैसे है आप निकी कहती है सब बढ़िया पर निकी का बोलने का तारिक कुछ आगे होता है फिर भी वीराज निकी से अच्छे से बात करता है फिर निकी कहती है अच्छा रखती हूँ वीराज भी कहता है ओके फ़ोन रख देते है फिर कविया का कॉल आता है और वो कहती है की निकी ने आपको कॉल किया  क्या वीराज कहता है अभी बात हुई थी जस्ट नाउ फिर कविया कहती है वो इतनी आसानी से किसी बात नहीं  करती है और वो इतना कहे के कॉल रख देती है कल कंप्यूटर क्लास में मिलेंगे 

फिर अगले दिन कंप्यूटर क्लास में  वीराज  ने  कविया  से पूछ लिया था आपकी बहन ने मेरे से बात की बहुत अजीब तारिक से ऐसे क्यों तब कविया ने कहा वो हर किसी से बात नहीं करती है मेरे कहने से आपसे बात करने लगी है  और वो लड़को पर इतना यकीन भी नहीं करती पर मेरे बोलने पर बात की है आपसे वो इस नहीं है बस निकी को टाइम लगे गया बात करने के लिए तो वीराज कहता है अच्छा जैसे आप कहो फिर दोनों अपना अपना काम करने लगते है कंप्यूटर पर कविया का और वीराज का घर पास ही होता है बस दूसरी गली में कविया का घर होता है दोनों साथ जाते थे और फिर अपने अपने गली से घर चले जाते थे 

फिर कविया निकी से पूछती है वीराज कैसा इंसान है तो निकी जो देखती थी वो सब कहती निकी से की अच्छा है तेरा भाई तो कविया पूछती है तो बात करेगी वीराज से तो निकी कहती है हा में भी तो देखु की जो तूने मुझसे कहा वैसा है क्या तेरा भाई और निकी फिर वीराज को कॉल करती है जब निकी बहुत ही प्यार से बात करती है और वीराज को भी अच्छा लगता है दोनों बात करते  है ज्यादा नहीं बस कुछ टाइम ही बात करते है। 

कविया चाहती है की वीराज  निकी  से दोस्ती कर ले और दोनों एक दूसरे को जान जाए और फिर दोनों किसी और की वजह से सैड ना हो जो भी है वो सब दूर हो जाए और यह दोनों करीब हो जाए क्योकि कविया  वीराज को कुछ हद तक जाने लगी और वीराज को सैड नहीं देख सकती थी कविया को बुरा लगता था जब वो लड़की वीराज  को दुखी कर देती थी  जब  कविया चाहती थी की दोनों एक साथ खुश रह सकते है 

और  वीराज  भी सारी सच्ची बता दिया करता था वो सुन के बहुत दुखी होती और सोचने लगती थी ऐसा कैसे हो सकता है इस इंसान के साथ जो इतना अच्छा है वो बस अपना फ़ायदा उठा रही है वीराज के  भूले पाने का फायदा उठा रही है।  वीराज के साथ क्योकि कविया को वीराज बहुत भुला सा लगता है किसी को जबाव देना नहीं आता है और इस सब का फायदा उठा लेते है तो वो यह सब नहीं देख सकती थी वीराज खुश होता तो कविया को अच्छा लगता था। और निकी भी अपनी ज़िन्दगी से सैड थी तो कविया दोनों को एक होता हुआ देखना चाहती थी कविया निकी को वीराज के बार में सब सच बता देती है और उस लड़की का भी बता देती है और कहती है वो वीराज को बहुत तकलीफ देती है और वीराज का बहुत फायदा उठती है वीराज दिल का  बहुत अच्छा इंसान है सोच भी नहीं सकता किसी को दुखी करने का बस उस कोई दुखी कर देता है 

फिर निकी को भी बुरा लगता है कोई किसी के साथ ऐसे कैसे कर सकता है यह बात सुने के निकी वीराज से बहुत प्यार से बात करने लगती है और वीराज तो किसी से गलत बात कर नहीं सकता निकी  वीराज से अच्छे से बात करती है और कहती है आपकी बहन बहुत तारीफ किया करती है तो वीराज कहता है बहन है ना जब करती है और इस कोई खास बात नहीं मुझे में तो निकी कहती है कोई भला ऐसे किसी की तारीफ क्यों करेगा आप ही बताओ तो वीराज कहता है शायद वो इंसान उस ठीक लगता होगा जब करती होगी ना ऐसे करते काफी टाइम निकल जाता है वो दोनों एक दूसरे को जाने लगते है और करीब आ जाते है 

कुछ ही महीनो के बाद 

वीराज और निकी अच्छे दोस्त बने जाते है हसीं मजाक करते रहते है और एक दूसरे के करीब आ जाते है वो हर टाइम कॉल पर बातें करते रहते है दोनों एक दूसरे में खो से जाते है उनको किसी से जैसे कोई मतलब नहीं था बस दोनों ही है इस दुनिया में घंटो-घंटो बात किया  करते है किसी से कोई मतलब नहीं होता दोस्तों प्यार में ऐसा ही होता है सब भुला देता है प्यार दोनों को कब एक दूसरे को कब करीब लेता है कुछ पता नहीं चलता दोनों को  शायद इस ही को  प्यार कहते है  

कुछ महीनो में वो दोनों एक दूसरे के इतने करीब आ जाती है की वो  सोच भी नहीं  सकते की वो इतने पास आ सकते है।  फिर वीराज  हर बात निकी से शेयर किया करता था और निकी  भी हर बात बता दिया करती थी । फिर निकी  बातो ही बातों में कब जाने वीराज  को लाइक  करने लगी और वीराज से प्यार करने लगती है और वीराज  भी निकी को लाइक करने लगा और प्यार करने लगे दोनों दिन बारे लगे रहते थे कॉल पर दोनों में प्यार होने लगा अब तो वो एक दूसरे के बिना रहना पसंद नहीं करते थे और वीराज  भी निकी की आदत सी हो जाती है जब कॉल नहीं आता तो सोचने लगता की अब तक कॉल नहीं आया निकी का वीराज को टेंसन हो जाती है फिर इनबॉक्स किया और कहा कॉल करो फिर कुछ ही देर में निकी का कॉल आ जाता है फिर वीराज कहता क्या हुआ कॉल क्यों नहीं किया अपने  फिर निकी कहती है कोई आ गए था अच्छा कोई नहीं वीराज कहता है निकी से फिर वीराज बोलता है बता दिया करो ना यार 

फिर कविया वीराज को कंप्यूटर क्लास में देखती है और वीराज बहुत खुश होता है इतने प्यार से बात करता है जो वीराज के फेस पर देखता है की वो अब कैसे रहने लगा है वो देख के बहुत खुश होती है और वीराज कविया से कहता है की निकी कितनी क्यूट है कितनी प्यारी बात किया करती और सच्ची दिल की बहुत प्यारी और क्यूट लड़की है वीराज अपने आपको बहुत भागशाली समझता है और कविया को दिल से थैंक यू बोलता है वीराज ने कभी सोचा नहीं था कोई वीराज को अपना समझेगा और अपना मानेगा यह कविया से कहता है वीराज यह सब देख के कविया को बहुत अच्छा लगता है । 
और कविया जब भी बात करती तो निकी के बार में करती थी तो वीराज बहुत प्यार से सुनता था और आदर ही आदर मुस्कराता था और यह सब कविया नोट्स करती रहती है कविया  भी मुस्कराने लगती है। 

अब आगे 

वीराज की  निकी  से ही सुबह होती है और निकी  से ही रात होती है । दोनों रोज बातें किया करते थे और जो वीराज  के आदर अच्छी थी तो एक दिन बातो ही बात में निकी ने वीराज से कहा आप इतने अच्छे हो और आपके साथ इतना सब होता है तो आप उस इंसान से बात क्यों करते हो तो वीराज कहता है निकी से यार सब की इज्जत करता हु मैं नहीं चाहता की कोई मेरे वजह से दुखी हो वीराज  से कहा निकी से तब निकी कहती है सब आप जिस नहीं है आप किसी से इतना ही रखो जो आपके साथ रखे  निकी  के आने के बाद वीराज की लाइफ बहुत बदले सी जाती है और वो निकी की सुने लगता था और जो लड़की वीराज   को दुखी करती थी वीराज उस लड़की से बात करना बंद कर देता है  और वीराज  को निकी  के लावा किसी से बात नहीं करता फिर जरूरत नहीं थी किसी की भी  दोनों का प्यार इतना प्यारा था की क्या बोलू आपको शायद 

इन दोनों को देख के लगता था की यह दोनों एक दूजे के लिए बने है दोनों इतने खो जाते है एक दूसरे में अब क्या बताए प्यार ऐसा होता है।  निकी  के कहने से होता और इधर वीराज  के कहने से होता रिकी भी यह देख के ख़ुशी मिलती थी की वीराज  अब खुश रहने लगा और उस लड़की  से दूर रहने लगा सच्ची बताऊ तो निकी  वीराज   का बहुत ख्याल रखती थी और वीराज  ने कभी सोचा नहीं था की उसकी लाइफ में कोई ऐसी लड़की आएगी जो उस इतना सारा प्यार करेगी किस्मत की बात है और वीराज की किस्मतें निकी के आने से अच्छी सी हो गयी थी। 

   आपको पता है दोस्तों , निकी  और वीराज  का प्यार बच्चो के जैसा था वो कब क्या करते कुछ पता नहीं चलता था और निकी  बहुत प्यारी होती निकी  का नाम लेते रही दिल में प्यार के सगींत बजने लगते पहले सुना ही है पर निकी  से बात करते फील होता है निकी बहुत अच्छी थी वो हर बात समझतीं थी  वीराज  को कभी दुखी नहीं होने देती थी ना कभी रोने देती थी। इतना प्यार करती थी की वीराज  हसता तो वो हसती वीराज  रोता तो खुद भी रोने लगती पागल थे न दोनों दोस्तों ,

निकी  के लिए सब वीराज  ही था और वीराज  के लिए निकी  थी दोनों अपनी ज़िन्दगी में बहुत खुश से जी रहे थे जब दोनों होते तो उनको किसी की जरूरत नहीं होती थी वो हर  टाइम  एक दूसरे से जुड़े रहते थे छोटी -छोटी बातों का ध्यान रखा करते थे यह दोनों कॉल पर ही बात करते थे कभी मिले भी नहीं जाते थे। क्योकि  निकी  कहती थी जो प्यार अब भी  है वो फिर मिले से कम हो जाता है क्योकि निकी के साथ पहले बीता हुआ होता है कोई था जिस निकी अपना दोस्त समझती थी उस ने जब निकी के साथ गलत किया जब से निकी लड़को से मिला छोड़ देती है जब वीराज कहता है आप मेरे साथ हो मुझे और क्या चाहिए मिला तो किस्मतें की बात है और आप जैसा बोलो वो ही ठीक है ओके 

यह बात भी सही कही निकी  ने और मिलना तो दिल से प्यार करने वाले उनको हर पल मासूस किये करते है ना की छुआ जाए यहाँ देखा जाए  यह बात सही कही निकी ने और वो बस कॉल पर ही बात करते रहते थे   सही बोलू ना बच्चो  जैसा प्यार था  दोनों      खुश थे अपनी लाइफ में निकी   का समझने का तारिक बहुत प्यारा होता है जिस वीराज समझ जाता है और वैसे करता है  और वो वीराज  से बहुत प्यार करती थी आपको पता दोस्तों,

निकी को  वीराज  को एक भी  ऐसा इंसान उस पसंद नहीं था जो वीराज के साथ गलत कहता  निकी को बहुत गुस्सा आता था चाहिए वो वीराज की फैमली ही  क्यों ना हो वीराज भी कुछ नहीं कहता वो कहता आप कुछ भी कर सकते है आपको हक़ है मुझपर वीराज  निकी कुछ भी कर सकती है ना अपने वीराज के लिए पूरी दुनिया से लड़ाई कर ले निकी वीराज के लिए कोई कुछ कहता तो वो सीदा बोलती मैं जानती हूँ वो कैसे है ज्यादा कुछ मत बोलना वीराज के लिए  नहीं तो सही नहीं होगा अब क्या कर निकी वीराज से प्यार ही इतना करती है।  

अब देखते है आगे क्या होता है दोस्तों ,क्या वो दोनों एक होते है क्या 

एक दिन क्या होता है की उन दोनों के बीच कोई और आ जाता है  शायद उनके प्यार को किसी की नजर लगी हो। ऐसा लगता है वीराज  से जुड़े लोगो को निकी  पंसद नहीं करती थी क्यूकि वो सब वीराज से मतलब से बात करते है और यह सब निकी को पसंद नहीं था और जो वीराज से बात करता वो सोचते है सारा दिन लगी रहते है  बात करने में हमे मौका नहीं देती वीराज  से बात करने का और वीराज  नहीं जानता की कितने लोगो है इन दोनों को आगे करने के लिए पर ऐसा नहीं हुआ क्योकि सब वीराज  से मतलब के लिए बात करते थे अपना काम करने के लिए और वीराज  को लगता था वो उनके अपने है जब साथ रहते थे पर वीराज 
 नहीं जाता वो क्या चाहते है वो उन सब को अच्छा ही समझता था और सारी बात निकी  से कहता था पर निकी  समझती थी किसी की मदद करना गलत नहीं पर किसी का गलत फ़ायद उठे ना वो गलत है ना  सब आपसे मतलब से बात करते है और कुछ नहीं होता उनके पास ऐसे करते तो दोनों में लड़ाई होने लगती है जब की निकी  सब जानती थी वो नहीं चाहती की वीराज  का कोई गलत फ़ायद उठे वो अपने लिए सही थी और वीराज  अपनी जगह पर एक दिन कुछ ऐसा होता जो सायद कभी नहीं सोचा भी नहीं था   

उन दोनों के बीच में  एक लड़की आ जाती है जिसे का नाम टीना था टीना वीराज  की भाभी की बहन होती है और वीराज  टीना का बहुत इज्जत करता है और सब से प्यार से पसे आता है  टीना को वीराज  की यह हरकते अच्छी लगती है क्यूकि वीराज  कभी किसी को उल्टा सीधा नहीं कहता था सब का सामने करता था सबसे  प्यार से बोलता था सब की इज्जत करता था तो वो सब टीना को अच्छा लगता था टीना सोचती थी  की वीराज  को अपना बना लिया जाए  जब की  वीराज  के बारे में सब जानती है की वो किसी और से प्यार करता है वो दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते फिर भी वो अपना बन चाहती थी पर पता नहीं क्या चलता टीना  के दिमाक में जो उन दोनों को आगे कर देती है 

ज़िन्दगी में तूफ़ान ले आती है वीराज  इतना नहीं जानता था की कोई ऐसे क्यों करेगा मेरे साथ सब पर यकीन करना वीराज की सब से बड़ी प्रॉब्लम थी वीराज हर किसी पर यकीन बहुत जल्दी कर लेता था। उसकी एक ही वजह थी की वो अपनों से बात करता था और जिस वो जानता है उनसे ही बात करता था  क्यूकि उसके और निकी  के साथ बहुत ही अच्छा चले रहा होता है  पर उसको यह सब अच्छा नहीं लगता वो वीराज  को पसंद करती थी और वीराज  को अपने और करना चाहती थी वो कोई नहीं वीराज  की भाभी की बहन थी और वीराज अपनी  भाभी की बहन को क्यूँ गलत समझे गया और वो ऐसे क्यों करेगी बस यह सोचता रहा वीराज  पर वीराज  गलत सोच रहा था जब भी भाभी और वीराज  की फैमली कही जाते तो वो भी साथ जाती थी `वीराज  के साथ जाती और कोई भी प्रोग्राम होता तो आ जाती थी और कभी अपने घर बोल लेती थी और  निकी  से वीराज  बता देता था सब और निकी  भी कुछ नहीं कहती बस  कहती जब फ्री हो तो कॉल करना  वो भी कुछ नहीं बोलती थी ठीक है निकी भी समझती थी फैमली में तो जाना होगा पर नहीं वो सीन आगे हो गया कुछ ज्यादा ही होने लगा। 

 ऐसे काफी टाइम चलता रहा वो कुछ ज्यादा ही  करने लगती है  वो जब भी निकी  से बात करता तो वो कॉल करती रहती थी और वीराज कहता की टीना का कॉल आ रहा है तो निकी  बोलती बात कर के फिर कॉल करना  और फ़ोन रख देती है निकी बोलते है ठीक है  आप बात कर लो जब आपकी बात हो जाए तो कॉल करना पर वीराज  से काफी टाइम तक बात करने लगती है और बात कुछ ज्यादा  ही होने लगती है फिर निकी  कॉल पर करती रहती थी और टीना  फ़ोन नहीं रखती वीराज  को कहती थी अब एक ही फॅमिली से होने से निकी  कुछ कह भी नहीं सकती पर दोनों को पता नहीं था वो दोनों को दूर कर रही है ऐसे काफी टाइम चलता है वो जब मन होता बात किया करती थी कभी चाट पर तो कभी कॉल पर और सब वीराज  निकी  को बता देता पर निकी  सुनती तो बोलती कुछ ज्यादा ही आपसे बात नहीं करती आपकी भाभी की बहन वीराज कहता यार वो अच्छी है निकी कहती कुछ ज्यादा ही अच्छी नहीं है। 

वो  वीराज  को अपना दोस्त समझती थी और निकी को वीराज कहता है यार वो  ऐसे बात कर लेती है उस कोई  और भाभी की बहन है तो यार ऐसे बात ना करू तो अच्छा नहीं लगता ऐसा ज्यादा ही होने लगा निकी  को  शक होने लगता है टीना कुछ ज्यादा ही नहीं करने लगी है वो वीराज  पर गुस्सा करने लगती थी और वीराज  को वो अच्छा नहीं लगता था तो वो भी बात नहीं करता था और बोलता था यार आप ऐसा कैसे सोच सकते हो हमारे बार मे पर उस टाइम निकी सही होती है। बस वीराज को नहीं लगता फिर वीराज निकी से कहता है  आपको क्या यकीन नहीं मुझे पर निकी  बोलती है आप पर है पर किसी और पर नहीं है। तो वीराज कहता आप मुझे पर यकीन रखो 

निकी कहती है आप हर टाइम बस उस बात करते रहते हो टीना के घर जाते रहते हो टीना से मिलते रहते हो यह सब मुझे अच्छा नहीं लगता वीराज  कहता है यार मेरी दोस्त है और दोस्त का साथ देना क्या गलत है निकी कहती नहीं है पर वो दोस्त नहीं कुछ और ही समझती है आपको तब वीराज बोलता है यार और क्या समझेगी प्लीज़ कुछ उल्टा मत सोचो हम दोनों के बार में निकी आप ऐसे तो नहीं थे ऐसे क्यों बने रह हो 

निकी  नहीं चाहती की वीराज  किसी बात कर पर शायद वो वीराज  सोच रहा होता है वो अभी नहीं देख सका की निकी  सही है और वीराज गलत ऐसे करते बात बहुत बढ़ने लगती है वीराज  की और निकी  की लड़ाई होने लगती है हर रोज वो समझती और वीराज सोचता यार यह कितना गलत सोच रही है हमें रिश्ते को वो दुखी हो गया और सोचता निकी ऐसे क्यों कर रही है उसके साथ  

वीराज निकी  पर बहुत गुस्सा करने लगता है और फ़ोन आने पर बात नहीं करता था और टीना से बात करने लगता था वीराज को उस टाइम टीना सही लगती है क्युकी टीना ने कभी ऐसा नहीं किया वो निकी के लिए कभी गलत नहीं कहती थी तो वीराज को लगा निकी गलत है टीना नहीं और टीना को बोल कहता था यार निकी  को पसंद नहीं हम बात करते है तो वो वीराज  को टीना कहती है तो मत किया करो वीराज  कहता है यार वो गलत सोच रहे है और टीना  वो सही सोच रही है बस वीराज  को नहीं पता क्योकि टीना भी नहीं चाहती थी की वो वीराज  से बात कर पर कभी कहा नहीं और वीराज  को यह पता नहीं चला क्योकि  वीराज  के सामने ऐसा कुछ हुआ नहीं जैसे वो कुछ समझ टीना इस  बात का और फ़ायद उठा लेती थी और वीराज  के साथ ऐसे फ़ोन लेती जैसी निकी  को बुरा लगे और वो वीराज  को छोड़ दे पर ऐसा नहीं था वो वीराज  से बहुत प्यार करती है वो किसी के लिए वीराज  को खोना नहीं चाहती थी और यह वीराज नहीं चाहता  निकी  को अपने से दूर कर पर कहते है जो सोचता इंसान वो कहा होता है सच्ची बोलू टीना किसी ना किसी से बात करती रहती थी ऑनलाइन में और वीराज  बस उसकी मदद ही करता था अब किसी लड़की को तकलीफ में कैसे देख वो भी वो जिस वो जानता  है वीराज तो यह सब सोच रहा था और कहानी कुछ और भी होने लगी टीना गुस्सा नहीं करती वो वीराज  से प्यार से बात करती थी और वीराज  की एक आदत थी जो प्यार से कोई भी बात कर उस वो प्यार से बात करता और जो गुस्सा से बात कर तो उस बात नहीं करता चाहिए वो कोई भी हो बस इस बात का फ़ायद उठ ने लगती है वो स्टोसस पर वीराज  और खुद की पिक्स लगा देती थी और वीराज  से कहती थी की जो भी id में है वो देखगे तो सोचेगा की यह टीना का दोस्त है और वो उस बात नहीं करेगा पर यह सही नहीं था

 वो तो निकी को देखने के लिए लगती थी और वीराज को किसी और का कहती पर टीना सोचती की  निकी  को जलने हो और वो वीराज  पर गुस्सा कर और वीराज की लाइफ से चली जाए वो ऐसे करती रही बात बहुत बढ़ने लगी जहा भी जाते वह वीराज के साथ फोटो ले लेती और वीराज भी अपने दोस्त के साथ फोटो लेने से माना नहीं करता बस यह सब करना था टीना को निकी और वीराज को दूर करने के लिए सो होने लगा। 

निकी  और वीराज  में एक दिन क्या होता वीराज  निकी  को बोलता है आप बात कर लो आगे कुछ ऐसा लगता है तो वो टीना को कॉल करता और टीना बहुत गलते तारिक से बात करती निकी  से तो वीराज  को गुस्सा आता टीना पर तो टीना ने अपने हाथ काट लेती है और बोलती है सॉरी मेरी वजह से सब हो रहा है ना फिर वीराज  को गुस्सा आता वो भी काट लेता है और सोचता यह तो सच्ची बात हो गयी निकी  सही कहती है क्योकि दर्द वो लेता है जिस किसी से प्यार होता है यह वीराज  निकी  से कोई बात नहीं छुपता और सब सच्चे बता देता है फिर निकी  वीराज  को दर्द में नहीं देख सकती तो वो भी अपना हाथ काट लेती है 

वीराज  कुछ समझ नहीं आता यार यह तो बहुत गलत हो रहा है अब वो क्या कर टीना को कुछ कहा तो घर पर बात फेल जाएगी और निकी  कुछ कहा तो वो रो रो के अपनी हालते ख़राब कर लेगी वीराज फस गया क्यूकी टीना भी कंप्यूटर सिखने आती थी और वहां कविया भी होती थी वो हर बार वीराज को बोलती रहती थी और कुछ ना कुछ पूछती रहती थी और यह सब कविया देखती रहती है और समझने लगती है की यह दोनों के बीच में आने लगी है कविया जब भी वीराज से बात करती वो बोल लेती थी जब की कविया भी उस बहुत अच्छे से बात करती थी वीराज के लिए और सोचती थी जो वीराज के है वो मेरे भी अपने है पर टीना आगे थी उसकी मन की टीना जानती थी फिर कविया यह सब निकी को बता देती थी घर जा कर और फिर वो वीराज से कहती कुछ ज्यादा नहीं हो रहा आपके और दोस्त के साथ तब वीराज कहता है यार कुछ नहीं आ रहा था तो बता तो रहा था तो निकी कहती है क्यों सर नहीं आपके वह तो वीराज ने कहा सर ने कहे रखा है मुझे तो क्या करू 

निकी  दुखी और रोने लगती वीराज कहता यार प्लीज़ गलत मत सोचो ना आपको पता है ना में ऐसा हूँ हेल्प करना अच्छा लगता है मुझे और वो तो दोस्त है मेरी   अब क्या करू वीराज को कुछ समझ नहीं आता वो पूरा  फस गया था वीराज  को समझे नहीं आता वो अब क्या कर और देखो टीना वीराज  से बात करती थी और फेसबुक में किसी और से  करती है झूठ  पर झूठ  बोलती रहती थी वीराज  को और वीराज  टीना  बातो का यकीन  करता रहता है और निकी  को गलत समझने लगता था क्युकी निकी  किसी बात करने से माना ही करती थी 

यह वीराज  को यह सब अच्छा नहीं लगता था पर वीराज  को यह नहीं पता था की निकी  सब वीराज  के लिए कहती है वीराज के लिए एक दोस्त और एक प्यार दोनों के बीच में फस गया यह सोचता है अब क्या करू निकी गुस्सा करती थी और टीना अच्छे से बात करती रहती तो टीना सही लगती थी वीराज को बस तारिक गलत हो जाता था निकी  का समझने का 
वीराज निकी   के यह सब देख के दुखी  हो जाता ऐसे क्यों शक क्यों कर रही   है वीराज  पर तो   निकी  को गलत समझने लगता रात दिन लड़ाई होने लगी दोनों के बीच में 

वीराज  और निकी  की गुस्से में वीराज  बहुत गलत बोलने लगा निकी  को फिर भी निकी  सुनती रहती है निकी  समझती और वीराज  के अब कुछ समझ नहीं आता वीराज  एक ही बात बोलता यार आप चाहते हो की मेरे कोई ना हो बस आपसे लगा रहा हूँ और कोई बात ना कर मुझस यह सुन के वीराज  फ़ोन रख देता  है और निकी  कॉल करती रहती  है और वीराज   कॉल नहीं उठता है निकी का  निकी  सारा दिन कॉल करती रही बस वीराज  का कॉल बिजी आता रहा क्यूकि वीराज  दुसरो की हेल्प करते करते यह  भूल गया की उसकी हेल्प कोई नहीं करेगा उस लगता था सब उसके जिस होते  है पर सब यह गलत ही सोच रहा था

  वीराज  टीना से नहीं अपने भाई से बात कर रहा होता है और निकी को लगता वो टीना से बात कर रहा है  वीराज  के मामा का लड़का होता है  किसी प्यार करता था जो वीराज की दोस्त होती है तो उस बात करता है और वो रात को घंटो -घंटो बात करता और निकी कॉल करती रहती थी क्यूकि वो सोचा अभी गुस्सा करेगी और शक करेगी तो वो फ़ोन नहीं उठता निकी का 
और वो कॉल पर रोने लगती थी और यह सोचती की वो टीना से बात करता है पर वीराज निकी को बताता मैं अपने भाई से बात कर रहा था और किसी से नहीं यकीन है तो अब देखता हूँ कॉल भाई की फिर वो निकी को बताता है फिर निकी चुप होती है फिर अच्छे से बात करने लगती है
वीराज बता देता है वो किसी से बात करता रहता है जब कुछ दिन सब ठीक चलता रहता है 

पर एक दिन वीराज  की बुआ की मुत्यु हो जाती है और वीराज को निकी  को  कॉल करती है और वीराज  फ़ोन नहीं उठाता और निकी  को कुछ अजीब लगता है तो वो फ़ोन पर फ़ोन करती रहती है  गलत से फ़ोन हाथ लगे जाता और फ़ोन उठे जाता है और  निकी को पता चले जाता है की वीराज अपनी बुआ के लिए इतना रो रहा है  वीराज को  रोता हुआ देखे के अजीब सा लगता  बहुत क्योकि वीराज  की बुआ  वीराज   से बहुत प्यार करती थीऔर  निकी  को वीराज  रोता हुआ देख के वो भी रोने लगती है पूरी रात रोती है वीराज रोते रोते सो जाता है 

अगली सुबह निकी  को पता है वीराज ने कल से कुछ नहीं खाया है तो निकी खाना के लिए कॉल करती है वो भी डरते हुए पर उस वीराज की फिकर थी वो कॉल कर ही देती है और वीराज को  हसने  की कोशिश करती और वीराज  को खाना खाने को कहती है वीराज  निकी  से कहता अपने भी खाना नहीं खाया ना और आप भी पूरा रात क्यों रोए मेरे साथ सुबह देखा था में आपको कॉल आया था और आप क्यों रोए निकी  पहले चुप रही भी सब बता देती है वीराज  बोलता है आप क्यों रोए बुआ तो मेरी थी तो निकी  बोलती है जो आपका है वो मेरा है मैं आपको दुखी नहीं देख सकती क्या करू मुझे रोना आ गया आपको देख के 

फिर वीराज निकी को कहता है रात को  टीना का कॉल आया था वो भी बोलती है हिम्मते रखना रोना मत जो होना वो हो गया इस लिए दुखी  मत होना अब कुछ कर तो सकते नहीं तो आप अपने आपको ख्याल रखना और घर वालो का भी इतना कह के टीना फ़ोन रख देती है क्युकी उस दिन टीना शादी में थी अपनी परिवार में उस देख के लगता था उस कोई फर्क नहीं पड़े रहा था कहती छोड़ो दोस्तों ,

छोटी बुआ और होती वीराज  की जो निकी से बात करते थे तो निकी बुआ को कहती है आप इन खाना खिला देना और सब सही चलता है फिर वीराज के पास कभी किसी का तो कवही किसी का कॉल आता रहा  और निकी  अच्छे बात करते रह फिर वीराज  का कॉल बिजी होता और निकी  का फिर वो शक होने लगता है अब क्या कर प्यार में ऐसा ही होता है अपने प्यार को किसी और का नहीं होने देता वही निकी के साथ हो रहा था। 

अब कहानी में रोज कुछ ना कुछ होता जा रहा था वीराज  को निकी  को टीना के घर जाने से रोकती थी पर वीराज  के पापा मम्मी उस ले कर जाते थे भाभी की परिवार वाले वीराज  से बहुत प्यार करते थे तो वो माना नहीं कर सकता था और निकी  गुस्सा होती अब वीराज  क्या कर उस कुछ समझ नहीं आता और वो समझा समझा के थक गया वो अपनी जगह सही थी वीराज  अपनी जगह वो टीना के पास जाने नहीं देती और वीराज  अपने पापा मम्मी की सुनी जरुरी थी फिर निकी  रोने लगती इस काफी होने लगा वो अपने दोस्त को सारी बात बताता है पर अब निकी  लगता की टीना से बात कर रहा है पर नहीं क्युकी वीराज  उस दिन ही देख लेता है कोन है उसका टीना कॉल आया और उस दिन कॉल किया फिर वो किसी और की हो गयी और कॉल नहीं किया निकी  उसके लिए सब है पर निकी  समझ नहीं पाए रही वीराज  की बात उस लगता है वीराज   निकी  से झूठ  बोल रहा पर ऐसा नहीं है था 

वीराज अपनी सच्ची बता नहीं पारा था और निकी गलत सोचने लगी  निकी   रोती थी वीराज  के लिए यह सब वीराज  से देखा नहीं जा रहा था तो वो सोचने लगता की मेरे साथ वो दुखी ही रहगी कुछ दिन सही होता है फिर गलत फीमी हो जाती है  फिर बात ख़राब हो जाएगी इस अच्छा की मैं निकी   को अपने आपसे दूर कर दू तो सही है वीराज  के लिए इतना आसान तो नहीं था पर वो निकी को   रोते हुई भी नहीं देख सकता ना तो वीराज  ने निकी को छोड़ने का फैसला लिया

 मेरे साथ तो कोई ना कोई बात होती रहती है इस सब में निकी  क्यों आए बीचे में और मेरे वजह से रोए  वो सब देखा नहीं जा रहा था और निकी  को उल्टा सीधा बोल के कहे दिया चली जाओ मेरी ज़िन्दगी से दूर नहीं रहना मुझे तेरे साथ अब कभी मेरे पास कॉल मत करना मर  गया वीराज  तेरे लिए चली जाओ फिर निकी  रोने लगती है कोई नहीं सब छोड़ दो फिर से नई ज़िन्दगी शुरू कर लगे पर वीराज  ने कहा नहीं फिर कोई बात होगी और फिर आप दुखों होगी प्लीज़ आप चले जाओ मेरी ज़िन्दगी से दूर और वीराज  फ़ोन ऑफ कर लेता है वीराज  ऐसा बोलता है जिसे सुने के निकी  दूर हो जाती है 

सॉरी दोस्तों  से दूर हो जाता है वीराज निकी के साथ सब से दुरी बना लेता है शायद यह लिखा था वीराज की ज़िन्दगी में ऐसे करते वीराज   निकी  कभी बात नहीं करते और वीराज  आज भी  निकी  के बिना नहीं रहता और वीराज  ने निकी के साथ सब से बात करना छोड़ दिया टीना ने जो चाहा  वो कर दिया और वीराज  ने टीना की सच्ची जाने ली और उस बात करना बंद कर दिया वीराज  के साथ बहुत बड़ा धोखा हो गया था पर अब कुछ नहीं  हो सकता  ना किसी पर यकीन एक बार किया जाता बार बार नहीं किया जाता आज वीराज  अपना काम में लगे गया सब  से बात करना छोड़ दिया और अकेले अपनी ज़िन्दगी में निकी को याद करता और बस सोचता रहता था पर अब सब ख़तम हो गया जो  दर्द दिए निकी को वो दर्द अब वीराज  उसके बिना रहे कर देखगा वीराज  को पता  चले गया कोई किसी का नहीं होता जब कोई हमारा नहीं है तो क्यों हम किसी के हो सब मतलबी दुनिया है यहाँ बस दुःख दर्द के लावा कुछ नहीं है अकेले रहो और खुश रहो 

ओके दोस्तों आगे आपको यह कहानी अच्छी लगे तो प्लीज़ आगे से आगे शेयर करना और आगे की कहानी लिखा सकूँ आपके लिए अपना ख्याल रखना आपके प्यार  वाला कोई आपका नहीं होता जो आपसे प्यार कर उस समझना और  प्यार देना 


🙏राम राम जी 🙏
 

कहते है बस प्यार काफी है। 
पर क्या हो जो प्यार हो पर विश्वास नहीं ,
साथ हो पर भरोसा नहीं ,
प्यारे लगने वाले पक्षी को 
किया जाता है पिंजरे में कैद भी। 


क्या हो जो जूनून हो पर सुकून नहीं 
क्या हो जब जरूरत हो पर इज्जत नहीं ,
प्यार में सब कुछ सह जाना ,
कभी बन जाती है आदत भी। 

क्या हो  साथ जीना हो  किसमत नहीं,
प्यार में कहा आसान कुछ ,
 कभी लड़ जाना पड़ता है खुद से भी। 

कहते है बस प्यार काफी है,
बस प्यार कहा काफी है!! 




















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