Header Ads

Taqdeer Ka Faisla Kis Mod Par (तकदीर का फैसला किस मोड पर)

आज की कहानी  कुछ रोंचक सी है आपको बहुत पसंद आएगी यह कहानी युग के बचपन से शुरु होती है। जब युग को दोस्ती क्या होती है कैसे होती कुछ नहीं पता था तब आप समझे गए होंगे कहानी कैसी हो सकती है तो कहानी पढ़ने से आपको पता चलेगा चलो फि 

 यह कहानी है महक और युग की  इस कहानी में कैसे दोस्ती होती महक और युग की यह आपको कहानी में पता चलेगा जो फिर चलते है। कहानी में 

तकदीर का फैसला किस मोड पर

सर्दी का टाइम चले रहा था और युग अपने दोस्तों के साथ खेले रहा था। केचे युग को केचे खेलना बहुत पसंद था। कभी क्रिकेट तो कभी कुछ खेलता रहता था। युग बहुत क्यूट था और आकर्षित करने वाला इंसान होता है। हर कोई युग से प्यार करते  ना भी कर तो भी युग पर प्यार आ ही जाता था। युग बचपन से ही मासूम होता है। सब का साथ देता था। 

अब देखो महक और युग में क्या होता है। 

एक दिन युग अपने घर के बाहर खेल रहा था कुछ बच्चो के साथ जो युग की उम्र के होते है। सब बैठ के केचे खेले रहे थे और युग भी उन के साथ खेल रहा था। महक के रिश्तेदार युग के घर के पास रहते थे। तो महक अक्सर आती जाती रहती थी। एक दिन वो अपने रिश्तेदार के घर जाती है। तो उस टाइम युग अपने दोस्तों के साथ खेले रहा था। और महक उस टाइम बाहर अपनी दीदी  के साथ बैठी होती है और दोनों बातें कर रहे होते है। तो आचनक महक की नजर खेलते बच्चो पर जाती है। और वह पर युग भी खेले रहा होता है फिर युग पर पहली बार  युग को देखा और महक युग को देखती रह जाती है।  युग गोरा होता मासूम और प्यारा  सा लगता है। तो देखते ही महक युग में खो जाती  है  

महक युग को देख के पहले नजर में पसंद करने लगती है। महल युग को ही देखे जा रही थी पर युग ने एक बार भी नहीं देखा महक को क्यों युग खेलने में इतना मांगने हो गया था की युग महक को देख नहीं रहा था।  तो पता नहीं चलता युग बस अपने खेलने खोया रहता है फिर महक वहाँ से चली जाती है। 

और अपने घर चली जाती है। अब महक वो पल याद करती है और युग के बारे में सोच रही होती है। और युग को देखने का मन करता रहता था। और सोचती कितना सुंदर है वो देखते दिल आ गया। फिर अब कोई ना कोई काम से महक अपने रिस्तेदार के घर जाती रहती थी। युग को देखने और युग बाहर मिलता है बचपन होता ऐसा है खेलने में निकलता है। महक अपनी दीदी  को कहती है यह कौन है बहुत प्यारा और क्यूट है मुझे इस दोस्ती करनी है। मुझे बहुत अच्छा लगा महक की दीदी कहती है यह युग है। फिर महक जो मन में होता वो अपनी दीदी को बोल देती है। महक की दीदी  वही रहती है। 

महक की दीदी  युग की बहन की बहुत अच्छी  दोस्त होती है। महक पीछे पड़े गयी तो महक की दीदी ने कहा मैं अपने दोस्त से बात करुँगी तेरे बार में अब ठीक है। महक बहुत खुश होती है। एक दिन युग की दीदी अपने दोस्त के घर जाती है। बैठे के बात करते है तब महक की दीदी बातो बातो में सब बात अपने दोस्त से कह देती है अपने भाई से मेरी बहन की बात करने को युग की बहन कहती है। चले कहूँगी युग से नंबर दे देना और महक के नंबर दे देती है। फिर युग को बोलती  युग की दीदी  और कहती है एक लड़की है जो तुझसे बात करना चाहती है। युग को समझ नहीं होती न कभी किसी से कॉल पर बात की है तो वो बोला मुझे नहीं करनी किसी बात तो युग की दीदी  कहती एक बार बात तो कर ज्यादा कहने पर युग बात के लिए माने जाता है। 

युग को बात करनी नहीं आती जब युग की दीदी  की दोस्त भी आ जाती है। वो अपने फ़ोन से बात करने के लिए आती है। और वहाँ महक वेट करती है कब बात होगी। फिर महक से रहा नहीं जाता महक अपनी दीदी  के नंबर पर कॉल करती है। युग से बात करो तो महक की दीदी  युग को बाहर से बुलाती है और युग से बात करने को कहती है फ़ोन दे देती है। अब युग ने कभी किसी फ़ोन पर बात की नहीं तो युग को पता नहीं कैसे बात कर वो बोलता है कौन तो महक कहती है मैं महक आपसे दोस्ती करना चाहती हूँ क्या आप मुझसे दोस्ती करोगे युग कुछ नहीं कहता बस सुनता रहता है। 

महक ही बोल रही होती है युग बस सुन ही रहा था अब युग से पहली बार कोई लड़की बात कर रही थी वो भी कॉल पर तो युग को समझ नहीं आता क्या करू महक कहती कुछ तो बोलो तो युग कहता दीदी को बता दूँगा और फ़ोन बेड पर रख के चला जाता है। युग को खेलने की लगी थी। युग की दीदी  को महक कहती है दीदी आप प्लीज़ समझो ना मुझसे दोस्ती कर ले युग की दीदी कहती मैं करा दूँगी। और फ़ोन रख देती है। 

कुछ  टाइम बाद युग घर पर आता है। तो युग की दीदी ने युग से कहा महक से दोस्ती कर ले वो अच्छी लड़की है तेरा साथ देगी तुझसे प्यार करेगी युग सोचता है अब इतना बड़ा भी नहीं होता जो कुछ कहे अपनी दीदी को वो दीदी की बात माने लगे जाता है। महक कॉल करती थी पर युग बाहर हो था तो बात नहीं होती महक के पापा ने युग के घर के पास कुछ ही दूर में अपना घर बना रह होते है। और मकान पूरा होते ही महक वही रहेंगे। 

ऐसे करते दिन बीते गए महक भी अपने नए घर में आ जाती है। वो इतनी खुश होती है युग को पता चला जाता है की यह वो है जो मुझे दोस्ती करना चाहती है। पहले युग महक में घर के पास खेलता था पर महक के आने के बाद युग वहां दोस्तों से बात करता था। युग दोस्ती कर देता है। अपनी दीदी को ही कहता है। फिर धीरे -धीरे युग और महक की बात होती है क्यूकि युग की दीदी के पास महक के नंबर होते है। ऐसे करते दोनों की बात होने लगी युग कहता है मैं कभी फ़ोन पर किसी बात नहीं की मुझे नहीं आता कॉल पर बात करना तो महक हॅसने लगती है और युग से कहती है फ़ोन पर क्या आगे बात होती है क्या जैसे हमें किसी और से बात करते वैसे तो होती है। 

युग भी कहता है बात तो सही आपकी महक कहती है मैं सब सीखा दूगी आपको युग कहता है अच्छा युग को भी महक अच्छी लगने लगी दोनों पास  रहते थे पर कभी आमने सामने बात नहीं की युग को महक से शर्म आती थी वो महक को देख के छुप जाता था और महक युग को देखने के लिए आती थी। ऐसे करते काफी महीने निकले जाते है। दोनों की बात होती रहती थी वो युग को हर चीज़ समझती  है उस मतलब बताती है और युग ऐसे करते बहुत कुछ सिखने लगा महक के आने से अब युग खेलना बंद कर देता है और बस बैठे रहता और महक का वेट करता था वो कब देखगे। 

महक का फ़ोन लाइन वाला होता है महक ज्यादा बात कर नहीं सकती  तो वो युग को लेटर लिखा करती थी और छोटे बच्चो को युग को देने का कहती थी। और युग भी लेटर में जवाब देता काफी टाइम ऐसे चलता था। एक दिन  दोनों ऐसे  बात कर रहे थे और युग भी दसवीं में आ जाता है जब छुटिया होती है।  युग महक से कहता आप भी मेरी स्कुल में पढ़ने आ जाओ हमें दोनों साथ ही पढ़गे तो महक भी सोच लेती है और अपने पापा से कहे के युग की स्कुल में चली जाती है। दो तीन साल बाद दोनों एक दूसरे के सामने आए थे बात रोज होती थी मिला कभी नहीं हुआ 

दोनों एक साथ ही बैठते थे और महक भी फ़ोन पर बहुत बात करती थी पर सामने कभी बोलती नहीं थी तो उस शर्म आती है वैसे महक बहुत बोलती है पर उस टाइम चुप होती है वो धीरे -धीरे बात करने लगते और साथ में बैठ के पढ़ी भी करते थे। युग स्कुल का काम करता था पर कभी कभी नहीं करता तो वो महक से करता था। एक दिन युग अपनी नोट बुक में काम के लिए महक को देता है किसी बच्चो के हाथ तो वो नोट बुक कोई लड़का ले लेता है जो युग के घर के पास का होता है वो महक और युग की दोस्ती से जलता था। वो खुद महक को पसंद करता था। 

वो सब से  कहने लगा महक और युग एक दूसरे को लेटर लिखते है। तो सब बात बने लगते है उस टाइम नई साल होता है युग महक के लिए गिफ्ट लेने गए होता है। और उस लड़के से सब बात करते है यह बात महक को पता चलती महक उस लड़के का इंतजार करती काफी टाइम से जब की उस नोट बुक में ऐसा कुछ नहीं था वो तो दोनों को दूर करने के लिए ऐसा करता था। महक जब सब यह बोलते सुनती है तो वो बहुत गुस्सा होती उस लड़के आते 

ही इतना सुनती है और बहुत बड़ी लड़ाई हो जाती है। युग को कुछ पता नहीं था। वो लड़का महक से डरने लगा वो किसी के घर चुप गया और महक उस बताना चाहती थी। फिर सब महक से डरने लगे अब कोई युग और महक के बार में कुछ नहीं बोलते फिर युग को पता चलता है महक कहती है तो युग गुस्सा करता है पर महक कहती मैं देख लिया अब कुछ नहीं करना अब कुछ करेगा तो मैं देख लगी। 

युग को बहुत कुछ आने लगा था महक के आने से दोस्ती बहुत अच्छे से निभाते थे दोनों एक दूसरे का साथ देते थे। युग की सोच दुनिया जैसी नहीं होती उसकी अलगे ही दुनिया होती थी वो अपने मैं और अपने परिवार और महक के साथ ही खुश रहता था। उस कोई मतलब नहीं होता दुनिया क्या सोचती उसके लिए ऐसे होते वो दोनों दसवीं पूरी कर देते है। फिर दूसरी स्कुल में जाते है वो स्कुल बहुत दूर होती है तो दोनों साथ ही जाते आते थे। 

एक दूसरे के आदर बहुत यकीन था। युग ने पहली बार किसी से दोस्ती की थी किसी से तो वो बहुत अच्छे से निभाता था उस दोस्ती को महक को सब की समझ होती है पर युग को इतना कुछ नहीं पता था वो तो महक के आने से कुछ जाने लगा फिर दोनों में प्यार होने लगा दोनों बहुत पास आ जाते है दोनों एक दूसरे का ख्याल रखने लगते थे महक भी युग जैसी होने लगी दोनों साथ खाना पीना करते थे साथ एक दूसरे की मदद करते थे। युग को जो भी कुछ पसंद आता वो महक के ले लेता था युग सब की मदद करता था और जो पैसे मिलते वो सारे महक पर लगा देता था सब जलते थे और सोचते की कस मेरा भी कोई ऐसा हो जो युग के जैसा ख्याल रखे मेरा भी वो युग को अपने और करने लगी वो युग को पसंद करने लगी वो चाहती थी युग मेरा हो जाए वो महक के बार में उल्टा सीदा बताती है और युग महक की छोटी से बड़ी बात जानता था। वो उस पर गुस्सा करता पूरी क्लास के सामने बोल देता है। 

वो कुछ नहीं बोलती पर एक दिन क्या होता एक लड़का आ जाता उन दोनों की ज़िन्दगी में वो रोज दोनों को साथ आते जाते देखता था महक को लाइक करता है। वो रोज सुबह पैदल ही जाते थे सुबह अच्छा मौसम होता है तो और वो लड़का भी अपनी स्कुल जाता था। और रोज देखता था उस टाइम का पता होता तो वो महक के रोक जाता देख के चला जाता था बीच में काफी मिलते जो युग के क्लास में बच्चे होते है वो भी साथ जाते थे। एक दिन क्या होता वो लड़का  महक को नोट  बुक के आदर कुछ देता है महक ले लेती है। और युग को पता नहीं होता युग को लगता था की नोट बुक में कुछ नोट्स होंगे वो क्यों गलत सोच और महक की दोस्त कहती यार कितना प्यार करता है तुझसे वो उस गलत सिखने लगती है और महक उनकी बात पर आ जाती है 

युग से सब छुपा लेती है। महक को अच्छा तो नहीं लगता पर वो कुछ नहीं बोलती बस युग से कहती है देखो मेरी दोस्त मेरे लिए क्या लाए है। युग जब देखता है तो उस पर लिखा होता आए लव यू महक यह देख के युग गुस्सा हो गया और सोचने लगता है यह आपको आई लव यू क्यों बोलेगी वो किसी और को कहेगी और इतने में चोरी पकड़ी जाती है। युग बात नहीं करता और सोचता ऐसे तो मेरे साथ कभी कुछ कर सकती है फिर महक रोने लगती और कहती हैं सारी सोचिए बता देती है युग ने एक मुँह पर मर देता है सब देखते रह जाते है। युग महक से बात करना बंद कर देता है आज तक ऐसा नहीं हुआ और महक ने पहली बार ऐसा किया। गलत होने से महक कुछ नहीं कहती और सब सुनती रहती है। और युग बात नहीं करता 

महक बहुत माफ़ी मांगती है युग कुछ नहीं सुनता स्कूल की छुटटी हो जाती महक और युग टैक्सी में बैठे है और  युग से बहुत माफ़ी मानती है अब कभी ऐसी गलती नहीं करुँगी। जो दिया था वो बाहर फेक देती महक और बोली अब जो होगा आपको बताऊगी युग को बुरा इस बात का लगा झूठ भी बोल साथ में उसकी दी हुई चीज़ किसी और के नाम से रखने लगी महक आगे करनी दोस्ती तो करू झूठ बोलना जरुरी है। पसंद है किसी  को कर सकती है। आपको दोस्ती करनी है कर सकते हो। महक कहती मुझे आपको नहीं छोड़ना किसी के पीछे इतने में दोनों का घर आ जाता है।

युग अपने घर चला जाता है। जब युग को कोई पसंद करता तो युग शिदा माना कर देते है महक ने जब की झूठ बोल यह अच्छा नहीं हुआ युग का गुस्सा जायज था। फिर  युग कॉल करता है महक को महक युग से नहीं रहा जाता न दोनों बात कर लेता है और कहता आगे कोई पसंद आए तो बोल देना मुझे आपकी ख़ुशी में खुश हु महक कहती नहीं मुझे कोई पसंद नहीं है आपके लावा बस मुझे दूर मत होना कभी वो दोनों अच्छे से बात करते है। और महक युग के बार में सब जानती थी तो कहती आप खाना खा लो 

क्योकि फिर दोनों कोचिंग भी जाते थे दोनों साथ में वह पर वो खाते पीते घर आते थे। महक का बहुत ख्याल रखता था युग यह देखे के सब जलते बहुत थे की महक के लिए युग कितना कुछ करता है और महक इस करती है युग के साथ पर युग को कोई फर्क नहीं पड़ता था युग वो ही करता जो युग को सही लगता ऐसा चलता रहा कुछ दिनों फिर एक लड़का आता है जो महक के पीछा करता था महक को कही ना कही वो अच्छा लगता था क्योकि वो पेस्ट में पढ़ने वाला बारवी में आए गया वो भी महक के लिए तो महक से सब दोस्त कहते यार इतना प्यार करता जो तेरे लिए बारवी में आ गया। महक को लगने लगा सब सही बोल रह है 

महक बस युग के बिना कुछ नहीं करती वो युग को खोना नहीं चाहती और युग सोचता था मैं पहले बोल दिया जो आपकी ख़ुशी हो वो करो तो युग कुछ नहीं कहता बस अपने काम से काम रखता था। ना जाने क्यों युग के मन में महक के लिए प्यार कम होने लगा उस दिन के बाद युग को लगता है की महक कुछ भी कर सकती है। इतना बड़ा झूठ बोल सकती है तो वो कुछ नहीं कहता बस महक की खुश के लिए सब करता वो बहुत पीछा करने लगा महक के नंबर भी किसी से ले लिए और कॉल भी करने लगता था। युग को यह सब नहीं पता था। फिर कुछ टाइम बाद वो क्लास से चला गया कहते है जब नई क्लास लगती है तो एक बार सब स्कूल देखनेसब आते है तो बस इस आने लगा। क्लास के बच्चे पुरे हुए वो आना बंद कर देता है। 

पर महक का पीछा नहीं छोड़ा युग सब जानता  था पर महक के मुँह से सब सुना था और महक को लगा युग को कुछ नहीं पता युग के दोस्त सब बात बता देते थे युग को ऐसे करते महक से यकीन उठने लगा युग का वो भी सही टाइम का इंतजार कर रहा होता है।एक दिन छुट्टी वाले दिन युग के दोस्त का कॉल आता है युग से कहता है की अब वो लड़का महक से बात कर के उस देखने जा रहा युग ने अपने दोस्त से कहा नहीं यार ऐसा नहीं हो सकता युग सब जानता  था पर किसी के सामने महक की इज्जत नहीं उड़ता युग का दोस्त कहता अब जा देख सब सच सामने आ जाएगा। युग सोचता है और चला जाता देखने जैसे बोला वो किया हुआ था महक ने बाल खुले और बालकॉनी आना सब जो युग के दोस्त ने कहा युग यह देख के होश ही उड़ गए थे। वो सोच भी नहीं सकता ऐसा हो सकता है क्या पर महक को दोनों देख गए युग भी और जिस ने महक से बात की महक के चेहरे का रंग उड़ गया युग को देख के वो जल्दी से नीचे चली जाती है। और सोचने लगती है अब क्या करो। 

युग भी कुछ नहीं कहता बस महक ही कहे जो कहना है। महक के मुँह से सब सच्चे जाना है मुझे और क्या चाहती है वो महक ही बताएगी युग को कुछ देर के बाद महक का कॉल आता है। महक देखना चाहती थी की युग को कुछ पता है की नहीं तो वो हमेशा बात करती वैसे बात करती है युग से और युग अच्छे से बात करता महक से महक को लगता है युग को कुछ पता नहीं है। फिर अच्छे से बात कर के महक फ़ोन रख देती है। युग पहले जैसे बात नहीं करता बस जितना काम होता उतना ही बात करता यह महक को पसंद नहीं आता तो वो सोचने लगी युग को क्या हुआ जो मुझसे पहले जैसे बात नहीं करता अब महक को लगा शायद युग जानता होगा सब जब उस दिन के बाद ही युग ऐसा हुआ है। 

फिर महक ने उस लड़के को दूर करने की सोचने लगी और उस बात करती है और कहती है मुझसे दूर ही रहो तो अच्छा है मैं युग को तुम्हारे लिए नहीं छोड़ सकती मैं युग से बहुत प्यार करती हूँ। तू हमारी ज़िन्दगी से चले जाओ तुम्हारे आने से हमारी हसती खेलती ज़िन्दगी ख़राब हो रही है तू चले जाओ उस लड़के को जो करना था वो कर  दिया युग कहता था अपने दोस्तों से की मेरी महक ऐसी नहीं है और दोनों कभी दूर नहीं होंगे तो उस के आने के बाद दुरी होने लगती है। 

फिर महक को कहे देता अब कभी कॉल नहीं करुगा वो इस बोलता है महक हिम्मते कर के युग को कॉल करती है और सब बताने का सोचने लगती है। और सही बात युग को कहे देती है युग कुछ नहीं कहता बस इतना कहता है मुझे सब पता था बस आपके मुँह से सुना था। महक रोने लगती है और कहती है वो कहे रहा था आगे मैं बात नहीं की तो वो आपका नुकसान दे सकता है तो मैं बात की युग नहीं करती युग कुछ नहीं कहता वो कहता छोड़ सब जो हुआ सो हो गया। मुझे उसकी कोई बात नहीं करनी महक को सब पसंद करते थे महक सुंदर जो थी। युग कहता चल फिर बात करते है। 

युग अपने  दोस्त के पास जाता है वहाँ पर एक लड़का आता है जो शादी शुदा  होता  उनके एक लड़का भी होता है वो बहुत अच्छे इंसान होते है और युग काफी बात किया करते थे। युग उन बड़ा भाई समझता था। वो भी बड़े भाई के जिस रहते थे  युग के घर आते जाते थे। वो युग की पूरी लव कहानी जानते थे वो साथ भी देते थे तो युग को भाई पर यकीं भी बहुत होता है ऐसा काफी टाइम चलता रहता था महक को भी युग बताया करता था भाई के बार और बहुत तारीफ भी करता था वो महक कहती थी ऐसा कौन  है जैसे की आप इतनी तारीफ करते हो तो वो कहता है वो मेरे बड़े भाई है। तो महक भी कहती थी मुझे भी बात करनी देखती हु ऐसा कौन है जैसे की तारीफ युग करता रहता युग कहता है हा आप भी कर लेना बात मिला भी दुगा आपको मेरे भाई वो आपके भी भाई है न तो महक भी कहती थी हा महक भी भाई ही बोलती है 

एक दिन युग और महक बैठे थे तो भाई का कॉल आता है तो महक कहती मुझे भी भाई से बात करनी है। युग कहता भाई महक आपसे बात करना चाहती है तो भाई कहते है क्यों नहीं करो फिर महक भाई को नमस्ते करती है। और उसको कहती आज से पहले युग ने मेरे लावा किसी की तारीफ नहीं की और आपकी बहुत तारीफ करते है। भाई कहते वो खुद अच्छा है न तो कर रहा है। महक को भी युग के भाई अच्छे लगने लगे वो भी भाई करती रहती थी एक दिन युग के फ़ोन लेते है चलने के लिए और वो युग में किसी लड़की के नंबर लेना चाहते थे। वो मिलते ले लेते है युग किसी काम से फ़ोन दे के चला जाता है फिर आते फ़ोन दे देते है। वो किसी लड़की को पसंद करते थे बस नंबर नहीं थे। 

ऐसे करते एक दिन भाई कहते युग से चलो कही घूमने चलते है तेरी महक को भी ले लेना वो भी घूम लेगी युग महक को बताता है महक कहती है चलो न कही चलते काफी टाइम से कही गए नहीं फिर भाई को कहते चलने के लिए और वो मदिर जाते है वह पर वो खूब मजे करते है और साथ में महक को भी बहुत चढ़ते है। महक कहती भाई मुझे गुस्सा आ जाएगा फिर मैं कुछ कहे दूगी आपको वो भी काफी मजे ले रही होती भाई के वो घूम के अपने घर चले जाते है। जब भी कुछ गलत करता तो युग को कहती मैं भाई को कहे दूगी और युग कहता कहे देना मेरे भाई वो तो तो महक कहती वो मेरे भी भाई है नंबर देना आप मुझे भाई के और युग दे देता है। 

ऐसे चलता रहा फिर भाई की युग की और महक की बात होने लगती है अच्छे से पर भाई कुछ बदले से गए थे अब वो महक से बात करने लगे और युग से बात करना कम कर देते है। और महक को यह पता नहीं था युग को लगता शायद बिजी होंगे जब बात नहीं करते पर महक से रोज बात होती थी। महक ने युग को बताया था की उसकी बात होती भाई से युग सोचने लगता अच्छा पता नहीं वो मुझसे नहीं करते और भाई सब धीरे धीरे जाने लगे दोनों को फिर महक को उल्टा सीधा बताने लगे महक को युग नहीं चाहता की महक आप किसी और से बात करो वो अपना हक़ जाता आप पर आपकी खुद की भी लाइफ है युग कहेगा वो आप करते हो ऐसे मत करो 

महक भाई से कहती है क्योकि युग मुझे खोना नहीं चाहता और मेरी फ़िक्र भी रहती है तो वो सोचता कही गलत न हो मेरे साथ बस भाई कहते है अब तुम बच्ची तो हो नहीं जो युग के अनुसार सब करोगे महक के दिमाक में उल्टा सीधा डाले देते है महक भी अब युग से अजीब से बात करती थी और कहती क्या आप कर सकते हो क्या मैं भी कर सकती हु आपके बिना क्या मेरा कुछ नहीं हो सकता क्या ऐसे करते दोनों में बहुत लड़ाई होने लगी थी वो दोनों एक 

दूसरे से बात नहीं करते बस लड़ाई करते और भाई फिर बोलता की देख लो अब कोई फ़िक्र है आपकी नहीं न बात करना छोड़ दिया न युग चाहता है महक मेरे कहने से चले और युग को कुछ लगे कहते थे महक के लिए महक कहती है युग तू किसी से बात नहीं करने देता कही जाने के लिए रोकता है सब उस के कहे से कर क्या भाई मेरी कोई लाइफ नहीं है क्या युग कहता भाई मैं कभी ऐसा नहीं किया महक के साथ पर भाई कहते मुझे तो यह कहा महक ने ऐसे करते दोनों बहुत लड़ाई होने लगती है एक दूसरे से आगे हो जाते है। महक को युग गलत लगने लगा 

भाई ने कहा महक से तू अपनी लाइफ बनो शादी करो पढ़ी करो युग के पीछे अपनी लाइफ क्यों ख़राब करती हो तो महक गुस्से में आ कर अपने घर वालो से कहती है मुझे शादी करनी है। महक के घर वाले यह सुन के महक के लिए अच्छा रिश्ते देखने लगते है और एक लड़का पसंद आ जाता है।  घर वालो को महक से कहते है बात कर के देख ले महक कहती है नहीं जो अपने देखा है वो ही अच्छा मेरे लिए और फिर कुछ महीने बाद शादी हो जाती है।  

महक की युग बहुत दुखी होता है कुछ कर भी नहीं सकता था महक ने जो यह सब किया है। भाई ने भी महक से बात करना बंद कर देते है। ना युग से बात करता ना महक से युग अकेले हो जाता है वो अपनी ज़िन्दगी से दुखी हो गया था सब खत्म हो गया। 

कुछ महीनो बाद 

महक का कॉल आता युग के पास और महक युग से कहती है। मैं गलत थी मैं क्या सोच लिया आपके बार में और गुस्से में बहुत बड़ा कदम उठा लिया आज मेरे पति मुझसे प्यार नहीं करते जितना आप करते थे उतना कोई नहीं कर सकता मैं बहुत गलत सोचने लगी उस भाई के कहने से जब युग कहता है क्या भाई के कहने से क्या कहा भाई ने आपसे फिर महक सारी सच्ची बताती है युग को यार कितनी बड़ी गलत फेमी कर दी हम दोनों के बीचे वो मुझे कुछ और कहते थे अब देखो बात नहीं करते मुझसे महक भी कहती मुझसे बात नहीं करते महक बहुत माफ़ी मांगती है युग से भाई के कहने से मैं क्या खो दिया अपनी लाइफ से युग आप सही कहते हो आप मेरा सही ख्याल रखते थे। आपका साथ छोड़ा प्रॉब्लम होने लगी पहले कितना खुश थे हम अब देखो सब खत्म कर दिया किसी और के आने से महक अपनी लाइफ से खुश नहीं होती जो प्यार मिलता था युग से वो प्यार वो आज भी चाहे कर भी मिला 

कहते है न दोस्तों जो चीज़ हमें पास होती है तो हमें उसकी कदर नहीं होती दूर जाने के बाद पता चलता है। महक अपने सुसराल में रहती थी और युग अपनी लाइफ चला गया अब वो प्यार था युग के दिल में वो सब ख़तम हो गया था। इतना करने से वो उसका नहीं हुआ तो अब क्या होगा आगे चलो दोस्तों इतना आगे आ गए तो आपको कहानी किसी लगी। फिर मिलते एक नई सच्ची कहानी में आप मेरे साथ ऐसे जुड़े रहे दोस्तों खुश रह मस्त रहे आप सब

तकदीर का फैसला किस मोड पर

 

🙏🙏जय श्री राम 🙏🙏

कोई टिप्पणी नहीं

If you have any doubts, Please let me know

Blogger द्वारा संचालित.